शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा जुलाई में

By | March 28, 2019

लंबे अरसे बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए व्यापमं भर्ती परीक्षा लेगा, जो 150 नंबरों…

Dainikbhaskar.com Mar 28, 2019, 03:30 AM IST

 

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शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा जुलाई मेंलंबे अरसे बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए व्यापमं भर्ती परीक्षा लेगा, जो 150 नंबरों…लंबे अरसे बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए व्यापमं भर्ती परीक्षा लेगा, जो 150 नंबरों की होगी। व्याख्यता, शिक्षक, सहायक शिक्षक समेत अन्य पदों के लिए परीक्षा अलग-अलग चरणों में होगी। इसकी शुरुआत 14 जुलाई से होने की संभावना है। भर्ती परीक्षा को लेकर गुरुवार को व्यापमं से सूचना जारी हो सकती है।

राज्य में करीब 15 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके तहत हाई व हायर सेकेंडरी के साथ प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में भी भर्ती होगी। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर व्यापमं से भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। व्यापमं से इसकी तैयारी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि भर्ती परीक्षा अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन भी अलग-अलग मंगाए जाएंगे। परीक्षा जुलाई से शुरू होगी। परीक्षा के लिए सिलेबस क्या होगा? पात्रता किसे होगी? आवेदन कब से भरे जाएंगे? इसकी जानकारी गुरुवार को जारी की जाएगी।

अावेदन अप्रैल में संभव

शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन पत्र जमा करने का सिलसिला 26 मार्च से शुरू होने की संभावना थी। लेकिन सूत्रों के अनुसार तैयार नहीं हो पाई, इसलिए अावेदन जारी नहीं किए जा सके। तैयारी नहीं होने के कारण ही भर्ती परीक्षा की सूचना जारी नहीं की जा सकी है। अगर यह सूचना गुरुवार को जारी होती है तो फिर उसके हफ्ते-दस दिन के भीतर अावेदनपत्र जारी किए जा सकते हैं और इन्हें जमा करने की सूचना जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि अप्रैल मध्य तक यह संभव है।

इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए अलग परीक्षा

सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग परीक्षा होगी। पिछले साल राज्य में करीब दो सौ सरकारी स्कूलों में पहली व छठवीं में इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई शुरु हुई। इन स्कूलों के लिए ही करीब 306 शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा होगी।

इसके तहत कला समूह में 153 और विज्ञान समूह में 153 शिक्षकों की नियुक्त होगी।

असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया पर कोर्ट की रोक

सिटी रिपोर्टर | रायपुर

आखिरकार प्रदेश के कॉलेजों में खाली पड़े सहायक प्राध्यापकों की भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया पर रोक लग गई है। शैक्षणिक योग्यता से लेकर आरक्षण नियमों में गड़बड़ी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी। पांच से छह शिकायतों को लोक सेवा आयोग ने दूर करने की कोशिश भी की, लेकिन दृष्टिहीन और मूक-बधिर के आरक्षण को लेकर मामला फंस गया है।

सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है। दृष्टिहीन और मूक-बधिर के लिए पद आरक्षित नहीं करने पर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.सेम कोसी ने अगली सुनवाई तक भर्ती पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद 1384 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर अब अगली सुनवाई तक के लिए रोक लग गई है। नियम के तहत 6 प्रतिशत आरक्षण दृष्टिहीन और मूक-बधिर के लिए रखा जाना था, लेकिन शासन और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने इसका पालन नहीं किया। इसके खिलाफ दीपक प्रधान, मंजू बरिहा, रमाकांत सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही उलझनें

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया के लिए जब से नोटिफिकेशन जारी हुआ है, तभी से उलझन बढ़ती जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग नियम परीक्षण को लेकर जांच के घेरे में है। पहले कहा गया कि 2009 के बाद यूजीसी के नियमों के अनुसार जिस उम्मीदवार ने पीएचडी किया है, उसका आवेदन भी स्वीकार नहीं हो रहा है। फिर बाद में इसमें सुधार कर पीएचडी धारियाें को आवेदन का अवसर दिया गया। इसके बाद सह विषयों को लेकर मामला फंसा। आयोग को सभी सह-विषयों की सूची जारी करनी पड़ी। इसके तुरंत बाद निशक्तजन उम्मीदवारों के आरक्षण में गड़बड़ी का खुलासा हो गया। आयोग ने इस मामले में कुछ सुधार तो किया, लेकिन पूरी तरह से आरक्षण नियम को लागू नहीं किया गया। इसी कारण कुछ उम्मीदवार कोर्ट चले गए।

परिणाम स्वरूप हाईकोर्ट ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

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