आचार संहिता के बहाने छुपाई गलती, भर्ती निरस्त

By | March 28, 2019

आचार संहिता के बहाने छुपाई गलती, भर्ती निरस्तडीबी स्टारडीबी स्टार भोपाल/ग्वालियर

असिस्टेंट प्रोफेसर और जिम- फिटनेस इंस्ट्रक्टर की भर्ती के लिए लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनआईपीई) प्रबंधन को उस डिप्लोमा होल्डर की तलाश है जो देश की किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में नहीं होता है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जिम मैंनेजमेंट के नाम से कोई कोर्स होता ही नहीं है और एलएनआपीई ने शैक्षणिक योग्यता की शर्तों में यह डिप्लोमा मांगा है। एलएनआईपीई में गत 20 फरवरी को रजिस्ट्रार डॉ. विवेक पांडे के हस्ताक्षर से विज्ञापन जारी किया गया है। इस विज्ञापन में असिस्टेंट प्रोफेसर इन फिटनेस मैनेजमेंट के एक पद, टेनिस और जूडो कोच के एक-एक पद, महिला जिम इंस्ट्रक्टर के एक, फीमेल नर्स के एक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के एक, जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर के एक और एलडीसी के दो पदों पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भर्ती की जानी है।

कम से कम एक साल का अनुबंध

वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से होने वाली यह भर्ती कम से कम एक साल के लिए अनुबंध पर की जा रही है। इनमें शर्तों को लेकर आवेदकों की बीच गफलत की स्थिति बन गई है। पहले तो संस्थान में फिटनेस मैनेजमेंट का कोई विभाग ही नहीं है। दूसरी तरफ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमपीएड पासआउट और नेट या पीएचडी होना जरूरी है। इसी में एक बिंदु और जोड़ा गया है कि आवेदक के पास जिम मैनेजमेंट के पीजी डिप्लोमा के साथ ही 40 घंटे का इंटर्नशिप सर्टिफिकेट होना चाहिए। यही शर्त जिम इंस्ट्रक्टर पद के लिए भी है।

ये रहेगा वेतन

एलएनआईपीई द्वारा इन पदों के लिए अच्छा खासा वेतन भी निर्धारित किया गया है। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर को 45 हजार रुपए, कोच को 40 हजार रुपए, जिम इंस्ट्रक्टर के लिए 33 हजार रुपए, फीमेल नर्स को 20 हजार रुपए, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को 35 हजार रुपए, जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर को 20 हजार रुपए और एलडीसी को 18 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इन पदों के लिए अच्छी तनख्वाह तय होने के कारण आवेदकों की भी रुचि बढ़ गई है।

पूरे देश में जिम मैनेजमेंट के बजाय हेल्थ एंड फिटनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा कराया जाता है। यह एक साल की अवधि का डिप्लोमा होता है और इसे हेल्थ एंड फिटनेस मैनेजमेंट के नाम से ही संचालित किया जाता है। इसी प्रकार स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा कराया जाता है।

दूसरी अर्हताओं को भी ध्यान में रखेंगेे

 हमने सिर्फ जिम मैनेजमेंट का डिप्लोमा ही नहीं मांगा है, बल्कि उसके साथ ही अन्य योग्यताएं भी मांगी हैं। अगर डिप्लोमाधारी आवेदक नहीं मिलते हैं, तो हम दूसरी अर्हताओं को ध्यान में रखकर सेलेक्शन क्राइटेरिया निर्धारित करेंगे। जहां तक फिटनेस मैनेजमेंट विभाग न होने की बात है, तो हम उनकी सेवा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में ले लेंगे। डॉ. विवेक पांडे, रजिस्ट्रार, एलएनआईपीई

गत 11 मार्च को संस्थान प्रबंधन ने एक पत्र जारी किया, जिसमें आचार संहिता का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को स्थगित करने के बजाय निरस्त कर दिया है। इसके बारे में आवेदकों का कहना है कि चूंकि आचार संहिता 10 मार्च को लगी है, जबकि विज्ञापन इससे पहले का है। ऐसे में प्रक्रिया चलाई जा सकती है। आचार संहिता हटने के बाद में ज्वॉइनिंग के आदेश निकाले जा सकते हैं।

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